संक्षिप्‍त परिचय
 

संविधान की धारा 323 बी के अनुसरण मे वर्ष 1985 में राजस्‍थान विक्रय कर अधिकरण की स्‍थापना की गई। दिनांक 1.10.1995 को अधिकरण का नाम परिवर्तित कर राजस्‍थान कर बोर्ड किया गया है, तब से यह राजस्‍थान कर बोर्ड के नाम से जाना जाता है। बोर्ड में एक अध्‍यक्ष तथा चार सदस्‍य कार्यरत है जिन्‍हे विक्रय कर अधिनियम एवं नियम के तहत् न्‍यायिक अधिकार दिये गये है। इसके अतिरिक्‍त कार्यालय संचालन हेतु एक रजिस्‍ट्रार एक सहायक रजिस्‍ट्रार तथा अन्‍य कर्मचारीगण उपलब्‍ध है जो कि बोर्ड द्वारा न्‍यायिक कार्यो के निस्‍तारण करने में सहयोग करते है। बोर्ड का संगठनात्‍मक ढांचा:-

Organisation Chart


¼1½बोर्ड के सभी प्रशासनिक कार्य रजिस्‍ट्रार के निर्देशन में सम्‍पन्‍न होते है।

¼2½
बोर्ड में निम्‍नांकित अधिनियम/नियमों के तहत द्वितीय अपील/क्रॉस आबजेक्‍शन/निगरानी (स्‍टाम्‍प) दायर करने का प्रावधान है:-


1­. राजस्‍थान विक्रय कर अधिनियम, 1954/1994
2. क्रेन्‍द्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956
3. राजस्‍थान मनोरंजन एवं विज्ञापन कर अधिनियम, 1957
4. राजस्‍थान टैक्‍स ऑन एन्‍ट्री ऑफ मोटर व्‍हीकल इन्‍टू लोकल     एरिया एक्‍ट, 1988
5. राजस्‍थान टैक्‍स ऑन लक्‍जरीज (टोबेको एण्‍ड इट्स प्रॉडक्‍ट्स) एक्‍ट, 1994
6. राजस्‍थान टैक्‍स ऑन एन्‍ट्री ऑफ गुड्स इन्‍टू लोकल एरिया एक्‍ट, 1999
7. राजस्‍थान मुदांक अधिनियम, 1998 के तहत निगरानी/नजरसानी की सुनवाई,

राजस्‍थान कर बोर्ड का मुख्‍यालय कर भवन अजमेर में है जो टोडरमल मार्ग पर स्थित है तथा इसकी सर्किट बैच जयपुर के योजना भवन में एवं जोधपुर एवं उदयपुर स्थित कर भवन में नियमित अंतराल पर लगायी जाती है।


(3) बोर्ड में सामान्‍यत उपरोक्‍त अधिनियमों, उनके अन्‍तर्गत नियमो एवं राज्‍य सरकार एंव चयनित अधिनियम के अन्‍तर्गत जारी अधिसूचना के तहत विचाराधीन अपीलों की सुनवाई एवं निस्‍तारण कर बोर्ड की एकलपीढ एवं खण्‍डपीट द्वारा की जाती है।